पाटन, गुजरात। गुजरात के पाटन जिले के गांव झिलिया में फार्महाउस पर हुए हमले के बाद पुलिस की कार्रवाई विवादों में आ गई है। घटना के बाद आरोपियों के साथ सार्वजनिक रूप से की गई सख्ती का वीडियो वायरल होने से पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 15 मार्च की रात मंदिर के चंदे के विवाद को लेकर 15–20 हथियारबंद लोगों ने एक फार्महाउस पर हमला किया। हमलावरों के पास तलवार और डंडे थे। घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिस टीम भीड़ को देखकर पीछे हट गई। इस घटनाक्रम का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 18 मार्च को इन आरोपियों को क्राइम सीन पर ले जाया गया, जहां उन्हें रस्सियों से बांधकर सार्वजनिक रूप से घुमाया गया, उठक-बैठक करवाई गई और लाठियों से पिटाई की गई। इस दौरान बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे मामला और गरमा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए 8 से 13 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। इनमें स्थानीय थाने के अधिकारी और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। साथ ही, 5 ग्राम रक्षक दल (जीआरडी) के जवानों को भी सेवा से हटा दिया गया है।
फिलहाल सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें 23 मार्च 2026 तक रिमांड पर रखा गया है। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली और मानवाधिकारों के उल्लंघन पर व्यापक बहस जारी है।
समाचार संकलन – यश जयसवाल (मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)









