विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश। आंध्र प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक कदम के तहत विशाखापत्तनम (विज़ाग) में लगभग 15 अरब डॉलर के निवेश से विशाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना की शुरुआत होने जा रही है। यह प्रोजेक्ट भारत को वैश्विक ए.आई. मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।
परियोजना की कुल क्षमता 1 गीगावाट बताई जा रही है, जो अपने आप में अत्यंत बड़ी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी ऊर्जा से लगभग 7 लाख से 10 लाख घरों को बिजली दी जा सकती है, लेकिन इस प्रोजेक्ट में इसका उपयोग पूरी तरह AI वर्कलोड प्रोसेसिंग के लिए किया जाएगा।
यह निवेश “विज़ाग आई.टी. कॉरिडोर” के विकास की नींव रखेगा। जिस तरह माइक्रोसॉफ्ट और गूगल ने हैदराबाद को वैश्विक आई.टी. हब में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, उसी तरह यह परियोजना विशाखापत्तनम में नई टेक कंपनियों और स्टार्टअप्स को आकर्षित कर सकती है।
रोजगार के लिहाज से भी यह परियोजना बेहद अहम है। अनुमान है कि इससे लगभग 1.8 लाख नौकरियां पैदा होंगी। इनमें बड़ी संख्या निर्माण और मेंटेनेंस से जुड़ी होगी, जबकि डेटा इंजीनियरिंग, ए.आई. मॉडल ट्रेनिंग और साइबर सुरक्षा जैसे उच्च कौशल वाले क्षेत्रों में भी अवसर उपलब्ध होंगे।
परियोजना के शिलान्यास के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों ने बताया कि “सिंगल-विंडो क्लियरेंस” प्रणाली के माध्यम से इस प्रोजेक्ट को रिकॉर्ड समय में मंजूरी दी गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा और बढ़ा है।
– यश जयसवाल (प्रशिक्षु, मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)








