जयपुर
श्रुतरत्नाकर, जेना वर्ल्ड जैन कनफेडरेशन, द जैन फाउंडेशन और वर्धमान जैन चैरिटेबल फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय जैन सम्मेलन गुजरात विश्वविद्यालय अहमदाबाद में सम्पन्न हुआ। लेखक-चिंतक एवं मोटिवेशनल स्पीकर पदमचंद गांधी ने ‘युवाओं के आजादी और जैन धर्म के नियम – क्या आज प्रासंगिक हैं’ विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि युवा सफलताएं प्राप्त करना चाहते हैं, कॅरियर बनाना चाहते हैं पर जीवन को सफल बनाना भूल गए हैं। जैसे राम ने वचन निभाया, वे वनवास गए। बुद्ध ने करुणा का उपदेश दिया। महावीर स्वामी ने अहिंसा और क्षमा का पाठ पढ़ाया। यह सभी नियमों की मर्यादा और संकल्प शक्ति के कारण संभव हुआ।









