प्रभात किरण -1296

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आज रविवार 25 जनवरी – 2026 अर्थात्
माघ शुक्ल सप्तमी वीर निर्वाण संवत्-2552, वि. संवत् 2082 का दिन सभी को मंगलमय हो ! आज की प्रभात किरण-1296 का सम्प्रेषण अथाई समूह के सदस्य श्री प्रेम नारायण तिवारी, रुद्रपुर- देवरिया के सौजन्य से प्राप्त।

🌹प्रभात किरण🌹

जागे,आलस छोड़के,
निकले बाहर भोर।
सुर्योदय वह देखता,
होये *प्रेम* विभोर।।

सिन्दूरी सा सब लगे,
दिग्, पशु-पक्षी,वृक्ष।
रंग में सूरज के रंगे,
दिखते उनके सदृश।।

डाल-डाल पे डोलती,
कर चींचीं का शोर।
चिड़िया जैसे पूछती,
आज उड़ें किस ओर।।

श्वानों की जो टोलियाँ,
घूम रहीं अलमस्त।
जस सूरज से पूछती,
खतम करें न गस्त।।

झोपड़पट्टी शहर की,
सबसे लगी अजीब।
सब में चूल्हा जल रहा,
लगता दृश्य सजीव।।

सोई सब अट्टालिका,
रही झोपड़ी जाग।
वह क्या सोये देर तक,
लगी पेट जो आग।।

सब मंदिर घंटा बजे,
मंगल आरती गान।
मस्जिद से होने लगी,
अल्लाह सुनो अजान।।

पीठ पे बस्ता डालके,
बच्चे चले स्कूल।
देख दृश्यों सब भोर के,
गया हूँ खुद को भूल।।

*प्रेम*जो जीवन देखना,
सुबह जागकर देख।
जो दिन में नहीं दीखते,
दिखते दृश्य अनेक।।

🌹

प्रेम नारायन तिवारी
रुद्रपुर देवरिया।

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Author: Editor

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