नई दिल्ली,10 मार्च। संसद के बजट सत्र के दौरान पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान विदेश मंत्री ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत शांति, संवाद और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है।
उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया भारत के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से प्राप्त करता है और देश के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 60 प्रतिशत से अधिक भाग पश्चिम एशियाई देशों से आता है।
सरकार ने संसद को बताया कि क्षेत्र में रहने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर उनके हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
संसद में इस विषय पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने क्षेत्र में जारी तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों को लेकर चिंता जताई। सरकार ने आश्वस्त किया कि भारत स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा।
– यश जयसवाल (प्रशिक्षु, मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)









