
कोलकाता /भवानीपुर क्षेत्र में जैन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक अवसर देखने को मिला जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जैन मानस्तंभ का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर राज्य की अन्य विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने राज्य और जैन धर्म के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए विशेष रूप से बर्धमान और पुरुलिया जिलों का जिक्र किया, जहाँ जैन विरासत के प्राचीन प्रमाण पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जैन समुदाय की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक उपस्थिति राज्य की समृद्ध परंपरा का हिस्सा रही है।
जैन मानस्तंभ को अहिंसा, संयम और सह-अस्तित्व के सिद्धांतों का प्रतीक माना जाता है। सामाजिक दृष्टि से यह आयोजन जैन विरासत को सार्वजनिक सम्मान मिलने के साथ-साथ पूर्वी भारत में उसकी ऐतिहासिक उपस्थिति को पुनः रेखांकित करने वाला महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान साल्ट लेक में एक बहुधार्मिक सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण की योजना की भी घोषणा की गई, जहाँ विभिन्न धर्मों के लोग अपने कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे।
समाचार संकलन: युवराज कुमार (प्रशिक्षु मंगलायतन विश्वविद्यालय अलीगढ़)









