Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से नारी निकेतन की बालिका को मिला सुरक्षित भविष्य

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रायपुर.

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से नारी निकेतन की बालिका को मिला सुरक्षित भविष्य

जब अपनों से जीवन की राह में सहारा छूट गया, तब छत्तीसगढ़ शासन की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शालू के जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई। ओटगन निवासी शालू आज मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम माहुद मचांदुर निवासी  दीपक कुंजाम के साथ वैवाहिक जीवन में बंध गई। यह विवाह न केवल दो व्यक्तियों का मिलन था, बल्कि संवेदनशील शासन और सामाजिक सहयोग की जीवंत मिसाल भी बना।

शालू के जीवन में संघर्षों की लंबी श्रृंखला रही। पिता का कैंसर से निधन और मां का कोरोना काल में असमय चले जाना, फिर पारिवारिक परिस्थितियों के चलते भाई-बहनों से बिछड़ना—इन सभी कठिन परिस्थितियों में शालू अकेली पड़ गई। इस दौरान उनका स्वास्थ्य भी गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। ऐसे समय में ओटगन की पूर्व सरपंच मती संजीता दीवान ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए उन्हें सखी सेंटर पहुंचाया, जहां से बेहतर देखभाल के लिए शालू को नारी निकेतन भेजा गया।

नारी निकेतन की अधीक्षिका मती प्रीति मिश्रा ने बताया कि संस्थान में शालू की नियमित देखभाल, उपचार और परामर्श से उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ। शालू की सहमति से उनके भविष्य को सुरक्षित करने हेतु जीवन साथी की तलाश प्रारंभ की गई। इसी क्रम में खम्हारडीह क्षेत्र में पुलिस कार्य से जुड़े  दीपक कुंजाम ने शालू से विवाह का प्रस्ताव रखा।

आज मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आदर्श विवाह संपन्न हुआ। राज्य स्तरीय आयोजन में शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस विवाह को विशेष बना दिया।  दीपक ने कहा कि वे स्वयं को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें शालू जैसी संस्कारी और सुशील जीवनसाथी मिली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब और सभी जनप्रतिनिधियों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए बारात जैसा रहा।
शालू ने भी अपने नए जीवन की शुरुआत पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शासन और समाज के सहयोग से उन्हें एक नई पहचान, सम्मान और सुरक्षित भविष्य मिला है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से शालू जैसी बेटियों को न केवल वैवाहिक सहारा मिल रहा है, बल्कि यह योजना उन्हें आत्मसम्मान, सुरक्षा और नए जीवन की आशा भी प्रदान कर रही है।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें