नई दिल्ली, 1 मई: सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम पुलिस द्वारा दर्ज मानहानि और जालसाजी मामले में अग्रिम जमानत दे दी। न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने गौहाटी हाई कोर्ट के फैसले को “त्रुटिपूर्ण” बताते हुए रद्द कर दिया।
अदालत ने कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जुड़े मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता से समझौता नहीं किया जा सकता। साथ ही, असम के मुख्यमंत्री की “असंसदीय टिप्पणियों” का भी संज्ञान लिया गया।
जमानत की शर्तों के तहत खेड़ा को जांच में सहयोग करना होगा, बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जा सकेंगे और साक्ष्यों या गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे।यह मामला मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें खेड़ा पर झूठे आरोप और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का आरोप लगाया गया है।
– यश जयसवाल (प्रशिक्षु, मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)








