स्वस्थ भारत में हिंदी पत्रकारिता की भूमिका पर मंथन

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अलीगढ़। हिंदी पत्रकारिता की 200वीं वर्षगांठ के अवसर पर मंगलायतन विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई-एक एवं प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय, हाथरस केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में स्वस्थ भारत के निर्माण में हिंदी पत्रकारिता का योगदान विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया।

मुख्य वक्ता के रूप में मंगलायतन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता समाज में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जन जागरूकता को बढ़ावा देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जनहित के मुद्दों को उठाकर समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान करती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से कहा की इसमें आपकी सहभागिता से जीवन स्तर में सुधार होगा और जन जागरूकता आएगी।

केंद्र संचालिका बीके शांता बहन ने कहा कि स्वस्थ भारत के लिए शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य का संतुलन आवश्यक है। मीडिया समाज में सकारात्मक मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। बीके पूजा दीदी ने कहा कि समाज के सुधार के लिए अपने मन को साफ करने की आवश्यकता है। सत्य, संपूर्ण ओर सर्वत्र ये तीन काम पत्रकार को करने चाहिए। कार्यक्रम का संचालन मीडिया प्रभारी बीके दिनेश भाई ने किया। इस अवसर पर विभिन्न मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों ने भी पत्रकारिता के माध्यम से जन जागरूकता बढ़ाने और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता की जनसेवा और राष्ट्र निर्माण में भूमिका को रेखांकित किया गया। इकाई एक की कार्यक्रम अधिकारी डा. मनीषा उपाध्याय, मयंक जैन तथा पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के छात्र-छात्राएं सहित स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

YASH JAYSWAL
Author: YASH JAYSWAL

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