जिला प्रशासन ने किया महावीर जयंती पर अवकाश घोषित
समन्वय ग्रुप करेगा भक्तो सुस्वादु प्रसादी का वितरण –विजय धुर्रा
अशोक नगर: हमारे लिए सब पसंद करें मुझसे प्रेम करें इसके लिए हमने क्या पुरुषार्थ किया मुझे आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज पसंद करें मुझे महा मंत्र पसंद करें इसके लिए उसको जो पसंद है वह सब करना होगा मंत्र की साधना के लिए मैंने मन को एकाग्र किया हर तरह की रोशनी डाली निरन्तर ध्यान किया बहुत प्रयास किया फिर भी कोई सिद्धि नहीं हुई तो मैंने पूछा क्या कारण है कि आप मुझे पसंद नहीं कर रहे क्या कारण है मैं मुनि वनकर बैठा हूं राग-द्वेष छोड़ कठिन डगर सुइकार करने पर भी मुझे सिद्धि मिल नहीं रही इसके लिए हमें अपने अंदर कुछ ऐसा बदलाव करना होता जो महामंत्र को पसंद हैं तव कहीं सिद्धियां मिलेगी उक्त आश्य केउद्गार सुभाष गंज में विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा दया भावना प्रेरक मुनिश्री अविचल सागर जी महाराज ने व्यक्त किए।
सुभाष गंज में समन्वय ग्रुप प्रसादी की कर रहा हैं तैयारीयां
इस दौरान जैन समाज के मंत्री विजय धुर्रा ने कहा कि श्री दिगम्बर जैन पंचायत कमेटी के निवेदन पर जिला प्रशासन द्वारा तीस मार्च को महावीर जयंती पर जिले में अवश्य घोषित कर दिया गया है पंचायत कमेटी जिला प्रशासन का धन्यवाद करती है वहीं समारोह उपरांत समन्वय ग्रुप द्वारा सभी भक्तों के लिए सुस्वाद विशेष प्रसादी वितरण जूलूस के समापन के वाद किया जाएगा इस हेतु सुभाष गंज में विशाल पंडाल व्यवस्था अलग से समन्वय ग्रुप के साथीयों द्वारा की जा रही है कार्यक्रम सभी सेवा भावी संगठनों धवल वस्त्रो के साथ सिर पर साफे पहनेंगे वहीं महिला संगठन अपनी अपनी विशेष भेष भूषा को धारण कर धर्म प्रभावना में अग्रणी भूमिका निभायेंगे इसके साथ ही श्री सर्वोदय विद्यासागर पाठशाला परिवार की सभी शाखाओं के वच्चो चल समारोह में ध्वजा लेकर चलेंगे जैन समाज अध्यक्ष राकेश कासंल महामंत्री राकेश अमरोद कोषाध्यक्ष सुनील अखाई सहित सभी प्रमुख जनो ने सभी से समय पर उपस्थित होने का निवेदन किया है।
हमारे निजी जीवन के सारे के सारे निर्णय विपरीत हो गये
उन्होंने कहा कि हमारे निजी जीवन के सारे के सारे निर्णय विपरीत हो गये मैं तीर्थो की वंदना करुंगा मैं ऐसा करुंगा वैसा करुंगा हमारा जीवन सिर्फ कर्म काटने तक सीमित नहीं होना चाहिए जिन गलियों में हम रहते हैं उन्ही गलियों में रहने वाले कुछ लोगों ने पसंद कर लिया तो हम तन कर चलने लगे हमें ऐसा कुछ करना है कि हमें महा पुरुष पसंद करने लगे इसके लिए कुछ लीक से अलग हटकर हमें अंदर की आवाज को सुनकर करना होगा जो भी हमारे अंताकरण प्रस्फुटित हो रहा है उसे प्रकट कर अपने मुंह से प्रसन्न के साथ सब के समक्ष स्तुति कर सकते हो
हमारे अंताकरण की आवाज देवताओं तक महा पुरुषो तक पहुंच इसके लिए अपने चित्त को एकाग्र करते हुए जगत पति से जुड़कर अपने आप को समर्थ करना होगा।
जव कोई जीव आपके पास आये तो आप उसे अभिमान अहंकार राग-द्वेष से भर हुए
उन्होंने कहा कि जव कोई जीव आपके पास आये तो आप उसे अभिमान अहंकार राग-द्वेष से भर हुए महसूस करा देते हैं हमारे अंदर दया करुणा की गंद तक नहीं है हम कहीं झुक नहीं सकते झुकने में अपना अपमान समझते हैं किसी को सम्मान देने की वात छोड़ो सम्मान का कह दिया तो आपकी आंखें लाल हो जाती है क्रोध की ज्वाला भड़कने लगती है तव लगता है कि तुमने आज तक अपने आप को भी नहीं पहचान इस जगत में क्या करने और कहा उलझकर आपने जीवन को यूं ही व्यर्थ में गबा बैठे जिस चीज से तेरा कोई लेना देना ही नहीं था उसे तुने गले लगा लिया इन सब को छोड़कर तुझे अपनी अंतर की आत्मा को पहचान ना होगा इतना आसान नहीं है अविचल सागर ने कहा दिया और तुम्हारे लिए अपनी अंदर की आत्मा से साक्षात्कार हो गया नहीं इसके लिए आज और अभी से प्रयास करना शुरू करना होगा अभ्यास करने में कोई बुराई नहीं है इस जन्म में ना सही धीरे-धीरे तो अपनी मंजिल की ओर कदम बढ़ाता चला जायेगा।









