पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज़ हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संकेत दिया है कि वह राज्यसभा का सदस्य बनने की तैयारी कर रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की और अपने फैसले के पीछे की वजह भी बताई।
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में कहा कि सार्वजनिक जीवन की शुरुआत से ही उनकी यह इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों में भी सदस्य के रूप में काम करें। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए वह इस बार होने वाले राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनने की इच्छा रखते हैं।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। राजनीतिक हलकों में इसे बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कुछ जगहों पर जदयू कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष की खबरें भी सामने आई हैं और पटना में मुख्यमंत्री आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किए जाने की जानकारी मिली है।
नीतीश कुमार ने अपने संदेश में यह भी कहा कि राज्य में यदि नई सरकार का गठन होता है तो वह उसे पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देते रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार के विकास के लिए उनका संकल्प पहले की तरह जारी रहेगा और जनता के साथ उनका संबंध भविष्य में भी बना रहेगा।
मुख्यमंत्री के इस फैसले ने राज्य की सियासत को नया मोड़ दे दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
समाचार लेखक: युवराज कुमार (प्रशिक्षु, मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)









