Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

अंगदान को मिले राजकीय सम्मान” विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अंगदान को मिले राजकीय सम्मान” विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मृत्योपरांत अंगदान को बढ़ावा देने से चिकित्सीय क्षेत्र और मानवता का उत्थान संभव : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का मुख्यमंत्री से राजकीय सम्मान देने का आग्रह

रायपुर,
 छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राज्य में अंगदान को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और मानवीय पहल करते हुए माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर यह आग्रह किया है कि मृत्योपरांत अंगदान करने वाले व्यक्तियों को “राजकीय सम्मान” प्रदान करने की नीति पर गंभीरता से विचार किया जाए।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में श्री सुरेश खांडवे (अध्यक्ष सर्वधर्म सेवा संस्था, भिलाई) की माँग को आगे बढ़ाते हुए उल्लेख किया है कि देश में अंगदान की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। वर्तमान में प्रति 10 लाख जनसंख्या पर मात्र 0.34 प्रतिशत लोग ही अंगदान कर रहे हैं, जबकि आँख, किडनी, लीवर जैसे महत्वपूर्ण अंगों की अनुपलब्धता के कारण हर वर्ष लाखों लोगों की असमय मृत्यु हो जाती है। यदि अंगदान को सामाजिक सम्मान और सरकारी मान्यता मिले, तो इस संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

डॉ. रमन सिंह ने पत्र में यह भी लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य अंगदान के मामले में देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पीछे है, जबकि तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों ने अंगदाताओं को राजकीय सम्मान देने की घोषणा कर उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन राज्यों में इस निर्णय के बाद अंगदान के प्रति जनजागरूकता और सहभागिता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

विधानसभा अध्यक्ष ने अपने पत्र में यह भी बताया कि सर्वधर्म सेवा संस्था, (छ.ग.) के अध्यक्ष श्री सुरेश खांडे द्वारा राज्य में मृत्योपरांत अंगदान करने वालों को राजकीय सम्मान दिए जाने की मांग की गई है, जिसे जनहित में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है।

डॉ. रमन सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लिया जाए तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देकर उपयुक्त कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि छत्तीसगढ़ में अंगदान को सामाजिक स्वीकृति, सम्मान और प्रेरणा मिल सके।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें