Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

मध्य प्रदेश में 15 लाख पेड़ों की कटाई पर NGT का सवाल, वन महानिदेशक से मांगा जवाब

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल 

एनजीटी ने मध्य प्रदेश में विकास परियोजनाओं के नाम पर 15 लाख पेड़ काटने के प्रस्ताव पर कड़ा संज्ञान लिया है। अदालत ने एक रिपोर्ट के आधार पर वन महानिदेशक और पर्यावरण मंत्रालय सहित कई बड़े अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में सड़कों और कोयला ब्लॉक के लिए 50 से 100 साल पुराने पेड़ों को काटने की तैयारी है। एनजीटी ने इसे पर्यावरण के लिए गंभीर मुद्दा माना है।

मिली जानकारी के अनुसार, 13 जनवरी को एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की बेंच ने एक सरकारी आदेश जारी किया है जिसमें अखबार की उस रिपोर्ट का जिक्र किया गया है जिसमें भारी संख्या में पेड़ काटने की जानकारी दी गई थी।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे शहरों में सड़क निर्माण, कोयला खदानों और अन्य विकास कार्यों के लिए 50 से 100 साल पुराने 15 लाख से ज्यादा पेड़ों को काटने की योजना बनाई गई है।

अधिकरण ने कहा कि यह खबर पर्यावरण नियमों के पालन से जुड़े बेहद जरूरी सवाल खड़े करती है। मामले में कोर्ट ने वन महानिदेशक, केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के भोपाल दफ्तर और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव सहित कई अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया है। एनजीटी ने निर्देश दिया है कि सभी संबंधित पक्षों को नोटिस भेजा जाए ताकि वे 9 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई से कम से कम एक हफ्ते पहले अपना जवाब कोर्ट में पेश करें।

 

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें