लखनऊ। प्रदेश में पेट्रोल, डीज़ल और रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राज्य के सभी जिलाधिकारियों को सख़्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।
सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देशित किया है कि तेल और गैस से जुड़ी किसी भी तरह की कालाबाज़ारी, जमाखोरी या अनावश्यक स्टॉक बढ़ाने की कोशिश पर तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि कुछ लोग गलत सूचनाएँ फैलाकर जनता में डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे किसी भी परिस्थित में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
अधिकारियों के अनुसार, अभी तक प्रदेश में ईंधन और घरेलू एलपीजी की सप्लाई सामान्य है और किसी प्रकार की वास्तविक कमी की स्थिति नहीं है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि सरकार लगातार तेल कंपनियों और वितरक एजेंसियों से संपर्क में है और आपूर्ति श्रृंखला पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि बाजार में कृत्रिम संकट उत्पन्न करने वालों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया है कि जिला प्रशासन नियमित रूप से पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की आकस्मिक जांच करे। सूत्रों के अनुसार, सरकार ने सभी डीएम को यह भी निर्देश दिया है कि अधिक कीमत वसूलने, मुनाफाखोरी और अनधिकृत भंडारण की किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही प्रशासन को यह भी कहा गया है कि जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि अफवाहें फैलने से पहले ही नियंत्रित की जा सकें। सरकार का मानना है कि सही और समय पर सूचना देने से अनावश्यक भय और भ्रम को रोका जा सकता है।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट संदेश या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें और फर्जी जानकारी को आगे न बढ़ाएं। प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि कहीं कालाबाज़ारी, जमाखोरी या अफवाह फैलाने की गतिविधि दिखाई दे, तो उसके बारे में तत्काल जिला प्रशासन को सूचित किया जाए।
समाचार संकलन: युवराज कुमार (प्रशिक्षु, मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)









