Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी की सुविधा उपलब्ध

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रायपुर

मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक घुटना व कूल्हा प्रत्यारोपण सर्जरी की सुविधा उपलब्ध

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय के अस्थि रोग विभाग में अब घुटना प्रत्यारोपण एवं कूल्हा प्रत्यारोपण जैसी जटिल सर्जरी की सुविधा सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई है। अब तक जिन मरीजों को ऐसे ऑपरेशन के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था और लाखों रुपये खर्च करने पड़ते थे, उन्हें अपने ही जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में अत्याधुनिक तकनीक से सुरक्षित उपचार मिल रहा है।
इस उपलब्धि के पीछे राज्य सरकार के स्वास्थ्य क्षेत्र को सुदृढ़ करने के निरंतर प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय  के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल एवं वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है।

अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार मिंज के नेतृत्व में यह नई सुविधा प्रारंभ की गई है, जिससे जिलेवासियों को उच्चस्तरीय उपचार अपने ही शहर में उपलब्ध हो रहा है। अधिष्ठाता डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि निजी अस्पतालों में प्रति जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी पर लगभग 2.5 से 3 लाख रुपये तक का खर्च आता है, जबकि शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत निःशुल्क एवं उच्चस्तरीय उपचार मिल रहा है। इससे न केवल आर्थिक बोझ कम हो रहा है, बल्कि जिले के लोगों को अपने ही शहर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा का लाभ भी मिल रहा है।

28 वर्षीय मरीज छविराज कुमार ने बताया कि उन्हें लंबे समय से पैर में गंभीर दिक्कत थी, जिसके कारण चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी। उन्होंने पहले निजी अस्पताल में परामर्श लिया था, जहां सर्जरी के लिए लगभग ढाई लाख रुपये का खर्च बताया गया। आर्थिक रूप से यह उनके लिए काफी कठिन था।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत सर्जरी की सुविधा शुरू होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने यहां उपचार कराया। सफल ऑपरेशन के बाद अब उनके पैर में कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के दूसरे दिन से ही वे चलने लगे थे और अब वे पूरी तरह सहज और आत्मविश्वास के साथ चल-फिर पा रहे हैं। छविराज ने चिकित्सकों की टीम और अस्पताल प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें निःशुल्क और उच्चस्तरीय उपचार मिलने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है।

अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े ने बताया कि गठिया, ऑस्टियोआर्थराइटिस, रूमेटॉइड आर्थराइटिस, दुर्घटना के बाद जोड़ों की क्षति अथवा लंबे समय से घुटने और कूल्हे के असहनीय दर्द से पीड़ित मरीजों के लिए जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी अत्यंत प्रभावी उपचार है। उन्होंने बताया कि सर्जरी के बाद मरीजों के दर्द में उल्लेखनीय कमी आती है और वे तेजी से सामान्य जीवन की ओर लौटते हैं। चलने-फिरने की क्षमता में सुधार होने से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। डॉ. जांगड़े ने आमजन से अपील की है कि घुटने या कूल्हे की पुरानी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय रहते अस्थि रोग विभाग की ओपीडी में विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर उचित उपचार कराएं।

अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम.के. मिंज ने बताया कि अस्पताल में घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण की सुविधा अत्याधुनिक तकनीक और निर्धारित चिकित्सकीय प्रोटोकॉल के तहत उपलब्ध है। अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण जांगड़े एवं एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. ए.एम. लकड़ा की विशेषज्ञ टीम द्वारा इन सर्जरी को पूर्ण सुरक्षा और दक्षता के साथ किया जा रहा है। विगत कुछ दिनों में लगभग 10 मरीजों की सफलतापूर्वक सर्जरी की गई है, जिसमें 5 कूल्हा और 5 घुटना प्रत्यारोपण शामिल हैं।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें