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प्रथम गणतंत्र दिवस रोचक बातें

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इंजी. अतिवीर जैन

गणतंत्र दिवस की पहली परेड 26 जनवरी 1950 को दिल्ली में इरवीन एमफीथियेटर स्टेडियम से राष्ट्रपति भवन तक निकाली गई थी l इस स्टेडियम को वर्तमान में मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम कहा जाता है l इस परेड में तत्कालीन इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकरर्णो मुख्य अतिथि थे l और डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ने इस दिन राष्ट्रीय ध्वज फहराया था l डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को राष्ट्रपति बनाने के लिए 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के विशेष सत्र का आयोजन किया गया था l और उन्हें सर्वसम्मति से भारतीय गणराज्य का राष्ट्रपति चुना गया था l डॉ राजेंद्र प्रसाद घोड़ा गाड़ी में राष्ट्रपति भवन से इरवीन एमफीथियेटर स्टेडियम तक आए थे l इन्होंने पहले राष्ट्रपति पद की शपथ ली उसके बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया l राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी गई थी l 3000 सैनिकों ने परेड में भाग लिया था l जिसका नेतृत्व राष्ट्रपति ने स्वयं घोड़ा गाड़ी में किया था l वायु सेना के विमानो ने भी आसमान में अपने करतब दिखाए थे l सन 1950 से 1954 तक गणतंत्र दिवस का समारोह किंग्सवे कैंप जिसे आज राजपथ या कर्तव्य पथ कहा जाता है ,लाल किला मैदान, और रामलीला मैदान में बनाए जाते रहे l सन 1955 से यह स्थाई रूप से राजपथ जिसे अब कर्तव्य पथ कहते हैं ,पर मनाया जाता है l 26 नवंबर 1949 को संविधान पूर्ण हो गया था l और संविधान सभा में पास हो गया था l जिसको की 26 जनवरी 1950 से लागू किया गया l और भारत एक संपूर्ण गणतंत्र हो गया और यह संविधान भारत पर लागू हो गया l सन 2015 से भाजपा सरकार आने के बाद 26 नवंबर को प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाया जाने लगा है l संविधान को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने अपने हाथ से लिखा था l और इसकी कोई फीस नहीं ली थी l पर एक शर्त रखी थी जिसके अनुसार संविधान के हर पन्ने पर उनका नाम लिखा हुआ है l और आखिरी पन्ने पर उनके दादाजी के नाम के साथ उनका नाम लिखा हुआ है l संविधान की यह मूल पांडुलिपि आज भी संसद भवन में सुरक्षित है

इंजी. अतिवीर जैन * पराग *
पूर्व उपनिदेशक, रक्षा मंत्रालय
232/1डी,शिवलोक ,
कंकर खेड़ा, मेरठ केंट-250001

Editor
Author: Editor

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