Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

बलबल मेला होगा मकर संक्रांति से शुरू, चतरा में आस्था और मनोरंजन का दिखेगा संगम

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

चतरा.

प्रसिद्ध ऐतिहासिक बलबल पशु मेला को लेकर प्रशासनिक व स्थानीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मेले का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बलबल मेले में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।

मकर संक्रांति के दिन अहले सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु बलबल धाम पहुंचकर पवित्र गर्म जल कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे। बलबल मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह पशु व्यापार और ग्रामीण संस्कृति का भी प्रमुख मंच माना जाता है। मेले में झारखंड सहित बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे कई राज्यों से पशु व्यापारी पहुंच चुके हैं। यहां गाय, बैल, भैंस, बकरी समेत अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री होती है। किसानों और पशुपालकों के लिए यह मेला काफी उपयोगी सिद्ध होता है।

मनोरंजन का फुल इंतजाम 
मेले में श्रद्धालुओं और आगंतुकों के मनोरंजन के लिए कई आकर्षक साधन लगाए गए हैं। बच्चों के लिए झूले, ब्रेक डांस, ड्रैगन ट्रेन सहित अन्य खेल-तमाशे लगाए गए हैं। वहीं युवाओं और परिवारों के लिए सर्कस, जादू शो, मौत का कुआं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक नृत्य व गीतों की प्रस्तुति से मेले की रौनक और बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है, वहीं साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की तैयारी 
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर भी लगाया गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता मिल सके।बलबल मेला वर्षों से सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक रहा है। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी सहेजता है। प्रशासन और मेला समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष का बलबल मेला ऐतिहासिक और यादगार साबित होगा।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें