रविवार, 11 जनवरी 2024 को 21 दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृत भाषा अध्ययन कार्यशाला के अंतर्गत तृतीय शैक्षणिक भ्रमण का सफल आयोजन किया गया। इस भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व के श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र, नैनागिरि के समीप स्थित सिद्ध शिला, वज्रशाला आदि स्थलों का अवलोकन किया। यहाँ श्री वरदत्त सहित पंच ऋषिराजों की निर्वाण स्थली के दर्शन कर विद्यार्थियों ने गहन आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया तथा वज्रघोष हाथी की प्रतिकृति रूप में वज्रशिला सहित क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता को निहारा।
भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को एक ही वृक्ष में गुंजा, बेर, अर्जुन और केम—चार वृक्षों का समाहित होना जैसा दुर्लभ प्राकृतिक दृश्य देखने को मिला। साथ ही चिरौंजी जैसी क्षेत्रीय वनस्पतियों तथा नीलकंठ और विभिन्न वर्णों वाली गौरैया जैसे दुर्लभ पक्षियों के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस शैक्षणिक भ्रमण में प्राकृत भाषा विकास अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र कुमार जैन, मुख्य प्रशिक्षक प्रो. जगत राम भट्टाचार्य तथा प्रशिक्षक डॉ. प्रभात कुमार दास, डॉ. सत्येंद्र कुमार जैन एवं डॉ. सोनल कुमार जैन का मार्गदर्शन एवं सहयोग सराहनीय रहा।









