Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

पंचकल्याणक महोत्सव की तैयारियां तेज : विस्तार से दी जानकारी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नाशिक, (सवा)
सारस्वत आचार्य श्री देवनंदिजी महाराज की प्रेरणा से निर्मित अध्यात्म और वास्तुकला के संगम ‘णमोकार तीर्थ’ में एक विशाल जैन पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन आगामी फरवरी माह में आयोजित होने वाले भव्य ‘अंतर्राष्ट्रीय पंचकल्याणक महोत्सव’ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम परम पूज्य सारस्वताचार्य प्रज्ञाश्रमण श्री 108 देवनंदिजी महाराज के पावन सानिध्य एवं मुनिश्री अमोघकीर्ति जी व मुनिश्री अमरकीर्ति जी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। तीर्थ दर्शन एवं समोशरण का निरीक्षण सम्मेलन का शुभारंभ प्रातः काल तीर्थ क्षेत्र के दर्शन के साथ हुआ। मुनिश्री अमरकीर्ति जी ने उपस्थित पत्रकारों को तीर्थ की अनुपम विशेषताओं से विस्तार से अवगत कराया।

समोशरण रचना के बारे में दी जानकारी

उन्होंने यहां निर्मित भव्य ‘समोशरण रचना’ के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए सभी को इसका बारीकी से निरीक्षण करवाया। दोपहर के सत्र में आचार्य श्री एवं युगल मुनिश्री की उपस्थिति में अखिल भारतीय जैन पत्र संपादक संघ के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन महामंत्री डा. अखिल बंसल के साथ अन्य सहयोगियों द्वारा गणधाराचार्य कुंथुसागरजी महाराज के चित्र का अनावरण के साथ दीप प्रज्वलन की क्रिया सम्पन्न हुई।

पंडित विजयकुमार जैन- मुम्बई के मंगलाचरण के पश्चात, उनके द्वारा ब्राह्मी लिपि में तैयार हस्तलिखित ‘भक्तामर ध्वज’ एवं विभिन्न भाषाओं में अनुवादित ‘णमोकार महामन्त्र पत्रक’ का भव्य विमोचन किया गया।संघ के महामंत्री डा. अखिल बंसल ने मुनि संघ को संगठन द्वारा प्रकाशित साहित्य भेंट किया।

राष्ट्रसंत का संबोधन एवं सम्मान
आचार्य श्री देवनंदिजी महाराज ने धर्म प्रभावना के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह तीर्थ भविष्य में शोध का मुख्य केंद्र बनेगा। आपने सभी पत्रकारों को अपने कर्तव्य पथ पर चलने की प्रेरणा देते हुए इस पंचकल्याणाक की विशेषताओं से अवगत कराया व सभी को प्रत्यक्ष आकर देखने का आव्हान किया।
मुनिश्री अमोघकीर्ति जी ने पत्रकारों को इस पंचकल्याणक महोत्सव को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर देशभर से आए पत्रकारों का शाल, माला और स्मृति चिह्न (मोमेंटो) देकर सम्मान किया गया। सभी पत्रकारों को आगामी आयोजन के आमंत्रण पत्र एवं आलेख सामग्री भी वितरित की गई। महामंत्री डा. अखिल बंसल ने संगठन की आवश्कता प्रतिपादित करते हुए अभी तक संगठन द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी देते हुए राष्ट्रसंत श्वेतपिच्छाचार्य मुनि श्री विद्यानंद जी के स्मृति ग्रंथ के प्रकाशन की योजना पर चर्चा की।

समारोह में अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन-आगरा, महामंत्री डॉ. अखिल बंसल -जयपुर, मनोज सोगानी-जयपुर , डॉ. राजीव प्रचण्डिया-अलीगढ, शैलेश कापडिया-सूरत, डा. ममता जैन (महिला प्रकोष्ठ महासचिव) व प्रवीण भण्डारी-पुणे, डा. विनोद जैन व डा. अल्पना जैन-मालेगांव,डा. सुशीला सालगिया-इन्दौर सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस भव्य सम्मेलन की संकल्पना प्रचार-प्रसार समिति के संयोजक पारसजी लोहाड़े द्वारा रखी गई।

कार्यक्रम का संचालन विनोद जी पाटणी ने किया और अंत में डॉ. अल्पना जैन (मालेगांव) ने आभार व्यक्त किया। इस सफल आयोजन में णमोकार तीर्थ अंतर्राष्ट्रीय पंचकल्याणक समिति का विशेष योगदान रहा।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें