ममता बनर्जी की लोहा पकड़ या भाजपा का उभार?

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पश्चिम बंगाल का राजनीतिक मिजाज़ खोलता ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वे!

(माला कुमारी की कलम से)

पश्चिम बंगाल की राजनीतिक जमीन अब पूरी तरह से गरम हो चुकी है! बंगाल विधानसभा चुनाव के महज दो महीने पहले इंडिया टुडे और सी-वोटर के ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) सर्वे ने एक झलक दी है उस जनमानस की, जो ‘दीदी’ ममता बनर्जी और भाजपा के बीच जंग को और रोमांचक बनाने वाली है। कल्पना कीजिए – अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं, तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) अपनी 2024 वाली जीत को लगभग बरकरार रखेगी, 42 में से 28 सीटें हासिल कर लेगी। वहीं, भाजपा को 14 सीटें मिलने का अनुमान, यानी 12 से दो सीटों की बढ़त। TMC की एक सीट कम, लेकिन फिर भी सत्ता का ताज उनके सिर पर ही चमकता दिख रहा है!2024 के लोकसभा महायुद्ध में ममता की TMC ने 29 सीटें जीतकर भाजपा को 12 पर धूल चटा दी थी। 2019 से बेहतर प्रदर्शन कर ‘दीदी’ ने साबित किया था कि बंगाल की मिट्टी में उनका जड़ें कितनी गहरी हैं। लेकिन अब 2026 का यह ताजा सर्वे चेतावनी देता है – भाजपा का वोट शेयर 39% से उछलकर 42% हो गया! तीन फीसदी की इस छलांग को भाजपा समर्थक उत्सव का बहाना बना रहे हैं। फिर भी, सर्वे साफ कहता है: कोई बड़ा उलटफेर नहीं। भद्रलोक की दुनिया में ममता की पकड़ अटल है, और TMC अभी भी राज्य की सबसे मजबूत ताकत बनी हुई है।सी-वोटर के संस्थापक निदेशक यशवंत देशमुख की नजर में बंगाल अब पूरी तरह द्विध्रुवीय जंग का अखाड़ा बन चुका है – TMC बनाम BJP! फरवरी 2024 में TMC को 22 और BJP को 19 सीटें मिलने का अनुमान था। अगस्त 2024 तक TMC 32 पर पहुंच गई, BJP सिमटकर 8 पर। अब जनवरी 2026 में संतुलन थोड़ा बदला, लेकिन सत्ता की धुरी ममता के इर्द-गिर्द ही घूम रही। राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज हो गया है – एक तरफ ममता का विकास, कल्याण और बंगाली अस्मिता का नारा, दूसरी तरफ भाजपा का हिंदुत्व, केंद्र की ताकत और मोदी लहर का दांव। क्या भाजपा का ‘कमल’ खिल पाएगा, या ‘हरमोनीम’ का झंडा लहराता रहेगा?यह सर्वे सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि बंगाल की जनता के दिल की धड़कन है। विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी नतीजे स्थानीय मुद्दों, नेताओं की सक्रियता, ध्रुवीकरण और अप्रत्याशित घटनाओं पर निर्भर करेंगे। लेकिन फिलहाल संकेत साफ हैं: TMC मजबूत, BJP बढ़ रही, पर सत्ता परिवर्तन का सपना अधूरा। अगर बंगला जानमानस का मूड यूं ही रहा, तो भाजपा को ‘भगवा क्रांति’ का इंतजार लंबा करना पड़ सकता है। क्या ममता फिर से ‘दीदी’ बनकर ताल ठोंकेंगी, या सुकांता मजूमदार जैसी नई चेहरों से भाजपा उलटफेर कर देगी? बंगाल की यह जंग देखने लायक होगी!

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Author: Editor

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