Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

जेडीयू को आरसीपी सिंह की जरूरत नहीं — ललन सिंह का साफ संदेश, प्रशांत किशोर पर भी तीखा बयान

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पटना
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में पार्टी के पूर्व अध्यक्ष आरसीपी सिंह की वापसी की अटकलें जोरों पर हैं। हालांकि, जदयू के वरीय नेता एवं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने दो-टूक जवाब देते हुए कहा कि जेडीयू को अब आरसीपी सिंह की जरूरत नहीं है। उन्होंने जन सुराज पार्टी के चीफ प्रशांत किशोर की जेडीयू में वापसी की संभावनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी।
 
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने रविवार को कहा कि प्रशांत किशोर और आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा, “इन दोनों नेताओं को जनता ने खारिज कर दिया है और अब बिहार की राजनीति में उनका कोई स्थान नहीं है। पिछले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पीके ने भविष्यवाणी की थी कि जदयू केवल 25 सीटों पर सिमट जाएगी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि नीतीश कुमार की मुख्यमंत्री के रूप में यह आखिरी राजनीतिक पारी होगी।”

जदयू नेता ने सवाल किया कि प्रशांत किशोर के उन दावों और भविष्यवाणियों का क्या हुआ? ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बीते बिहार चुनाव में जदयू की सीटें 42 से बढ़कर 85 हो गईं। वह फिर से मुख्यमंत्री भी बन गए हैं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद किशोर की राजनीतिक हैसियत अब कुछ भी नहीं है।

बता दें कि हालिया चुनाव में जन सुराज पार्टी की करारी हार मिलने के बाद पीके के जेडीयू में लौटने की अटकलें राजनीतिक गलियारों में लगाई जा रही थीं। इसी सवाल का जवाब देते हुए ललन सिंह ने ये बातें कहीं।

उन्होंने पीके की पार्टी के नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की पार्टी में वापसी की संभावनाओं को भी खारिज किया। ललन सिंह ने कहा कि आरसीपी के जेडीयू का अध्यक्ष रहते 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की सीटें 71 से घटकर 42 रह गई थीं। ऐसे लोगों की अब पार्टी में कोई जरूरत नहीं है।

दरअसल, आरसीपी सिंह ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह और नीतीश कुमार कभी अलग नहीं हुए। उन्होंने कहा था कि नौकरशाही के अपने करियर और बाद में राजनीति में भी वे और नीतीश हमेशा एक ही पन्ने पर रहे हैं और दोनों एक-दूसरे को बहुत अच्छे से जानते और समझते हैं।

आरसीपी 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जन सुराज पार्टी में शामिल हो गए थे। उन्होंने जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर की सराहना की थी और कहा था कि व्यवस्था और राजनीतिक परिदृश्य को बदलने का उनका प्रयास बिहार की राजनीति में बड़े अच्छे परिणाम देगा। मगर अब उनके जन सुराज छोड़ने की चर्चा चल रही है।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें