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रिफाइंड–ऑलिव ऑयल को भूल जाइए! ये देसी तेल है सेहत का असली सुपरफूड, फायदे जानकर चौंक जाएंगे

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रसोई में तड़के की छनछनाहट से लेकर सर्दियों की गुनगुनी धूप तक, सरसों का तेल सदियों से हर भारतीय घर का हिस्सा रहा है। यह सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत का वो जादुई संगम है, जो बेस्वाद खाने और थके बदन, दोनों में फौरन जान फूंक देता है।

सरसों के इन्हीं फायदों के बारे आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताने वाले हैं। आइए जानते हैं सरसों का तेल इस्तेमाल करने के कुछ बेमिसाल फायदे-

दिल के लिए फायदेमंद

सरसों का तेल दिल की अच्छी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड मौजूद होते हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं। इसे रोजाना डाइट में शामिल करने से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में मदद मिलती है।

साथ ही, ये शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। हालांकि, दिल की सेहत पर सरसों तेल के प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।

स्किन और बालों के लिए अच्छा

सरसों का तेल स्किन और बालों दोनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसका इस्तेमाल अक्सर दादी-नानी छोटे बच्चों के शरीर की मालिश के लिए करती हैं। यह स्किन को मॉइस्चराइज करता है और ड्राईनेस को भी कम करता है। साथ ही, यह फटी एड़ियों को भी ठीक करने के लिए भी बेहतरीन तरीका है। सरसों के तेल में थोड़ा मोम मिक्स करके आप रूखी और फटी एड़ियों को हील भी आसानी से कर सकते हैं।

इतना ही नहीं, मस्टर्ड ऑयल झुर्रियों, फाइन लाइन्स और बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए भी फायदेमंद होता है। इसका कोई साइड इफेक्ट्स न हो इसलिए इसके इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।

कैंसर का खतरा करें कम

क्या आप जानते हैं कि खाने में इस्तेमाल होने वाला सरसों तेल कैंसर के खतरे को भी कम करने में मददगार हो सकता है। कुछ शोध में पाया गया है कि यह कई तरह के कैंसर सेल्स के ग्रोथ को कम करता है। एक अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि मक्के के तेल या फिश ऑयल के मुकाबले सरसों का तेल चूहों में कोलोन कैंसर के खतरे को कम करने में ज्यादा प्रभावी साबित हुआ।

वहीं, जानवरों पर किए गए एक और अध्ययन में पता चला है कि इसमें मौजूद एलिल आइसोथियोसाइनेट ब्लैडर कैंसर की ग्रोथ को लगभग 35% तक कम कर सकता है और यह ब्लैडर में कैंसर के इन्फेक्शन को फैलने से रोकने में भी मदद करता है। हालांकि, इंसानों पर इसके प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।

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Author: Editor

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