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उमरिया के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता, तत्परता और सेवा का जीवंत उदाहरण

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भोपाल.

डायल-112 केवल आपात सेवा नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जीवन रक्षक संबल है। एक पिकअप वाहन के दुर्घटनाग्रस्‍त होने से घायल हुए 12 लोगों को समय पर अस्‍पताल पहुंचाकर डायल-112 ने त्वरितप्रतिक्रिया, मानवीय संवेदनशीलता और जन-सुरक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है।

दिनांक 13 फरवरी 2026 को प्रातः 08 बजे विलइत घाट स्थित नायरा पेट्रोल पंप के समीप एक पिकअप वाहन के अनियंत्रित होकर पलट जाने से महिला व बच्चों सहित कुल 12 व्यक्ति घायल हो गए। यह सभी लोग पतरहटा से बारहो कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गांव अखड़ार लौट रहे थे।इस दुर्घटना की सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए थाना चंदिया क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। कुछ ही समय में डायल-112 स्टाफ आरक्षक सुनील सिकरवार एवं पायलट विजय कुमार यादव घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर त्वरित राहत कार्य प्रारंभ किया।

मौके पर पहुँचकर डायल-112 जवानों ने गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को प्राथमिक सहायता प्रदान की और बिना समय गंवाए एफआरव्ही वाहन तथा चिकित्सा वाहन की सहायता से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदिया पहुंचाया। उनकी तत्परता, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता के चलते सभी घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका, जिससे संभावित गंभीर परिणामों को टाला जा सका।

डायल 112 हीरोजने विषम परिस्थितियों में भी जिस समर्पण और तेजी से अपनी जिम्मेदारी निभाई, वह न केवल प्रशंसनीय है बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ करता है।यही सच्चे अर्थों में “हीरोज” हैं — जो बिना किसी अपेक्षा के, केवल मानवता के नाते अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। इस सराहनीय कार्य के लिए डायल-112 जवानों को मुख्‍यालयस्‍तर से पुरस्‍कृत किया जा रहा है।

 

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Author: Editor

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