Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

राज्य कर्मचारी संघ के अधिवेशन में मुख्यमंत्री साय शामिल, ‘कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा से साकार होती हैं नीतियां’

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रायपुर.

कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी, कर्मठता तथा संवेदनशीलता से ही सरकार की योजनाएं, नीतियां और निर्णय वास्तविक रूप में धरातल पर उतरते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा आप सभी की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन के कारण ही प्रभावी ढंग से कार्य कर पा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए महंगाई भत्ता 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच यह निर्णय कर्मचारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री साय ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि यह अधिवेशन संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ ही सुशासन के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त अवसर है। जब सरकार और कर्मचारी कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करते हैं, तभी विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और शासन व्यवस्था अधिक सशक्त बनती है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने कर्मचारियों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल संबंधी व्यवस्थाओं में सुधार कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुचारु और कर्मचारी-अनुकूल बनाया गया है। सुशासन एवं अभिसरण विभाग के गठन से जन-विश्वास आधारित शासन तंत्र को और मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना कर तथा पेंशन फंड विधेयक को विधानसभा से पारित कर राज्य ने इस दिशा में एक मजबूत विधायी आधार भी प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से कर्मचारियों की कार्यक्षमता को सशक्त बनाया गया है, वहीं प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रमों के जरिए उन्हें बदलते समय के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन हमारे सुरक्षा बलों ने अद्वितीय साहस और पराक्रम से इसका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने मंच से सुरक्षा बलों की वीरता को नमन करते हुए कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए बेहतर और मानवीय पुनर्वास नीति लागू की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बस्तर क्षेत्र में शांति व्यवस्था तेजी से स्थापित हो रही है और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से सुदूर वनांचलों तक बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप राज्य सरकार ने भी ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047’ तैयार कर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति दी है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरूण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक तथा बड़ी संख्या में कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित थे।

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें