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शिक्षकों-शिक्षामित्रों को बड़ी सौगात: कैशलेस मेडिकल सहित 30 प्रस्तावों को योगी कैबिनेट की मंजूरी

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लखनऊ
यूपी की योगी सरकार ने शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को बड़ी सौगात दी है। योगी कैबिनेट ने गुरुवार को शिक्षा जगत के लिए ऐतिहासिक कैशलेस मेडिकल बीमा की मंजूरी दे दी है।पांच लाख रुपए तक का इलाज मुफ्त हो सकेगा। लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में करीब दो घंटे तक हुुई कैबिनेट की बैठक में 32 प्रस्ताव रखे गए थे। इनमें से 30 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। विधानसभा का बजट सत्र बुलाने पर भी मुहर लगी है। नौ फरवरी से बजट सत्र बुलाया गया है। 11 को बजट पेश होगा।
 
योगी सरकार ने माध्यमिक और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के साथ ही रसोइयों और कार्मिकों को भी कैशलेस मेडिकल बीमा की सुविधा दी है। अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों और स्ववित्तपोषित स्कूलों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित स्कूलों के शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षा मित्रों, विशेष शिक्षकों, अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी विद्यालय के स्टाफ और रसोइयों (PM पोषण योजना) को सपरिवार कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।

सरकार के फैसले से बेसिक शिक्षा के कुल 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षकों और कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी इसी तरह माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 2 लाख 97 हजार 589 को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज मिल सकेगा। सीएम फैलो को राज्य लोकसेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के तहत होने वाली भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट और अनुभव के आधार पर भारांक मिलेंगे।

जिलों के लिए विशेष विकास कार्य
बरेली और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को अपने-अपने जनपदों में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला बनाने के लिए कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। गोरखपुर में ₹721 करोड़ और वाराणसी के 18 वार्डों के लिए ₹266 करोड़ के सीवरेज प्रोजेक्ट्स को वित्तीय मंजूरी दी गई है। लखनऊ-हरदोई बॉर्डर पर बनने वाले टेक्सटाइल पार्क के लिए ₹458 करोड़ से अधिक की जलापूर्ति योजना को पास कर दिया गया है।

मानवीय और अन्य निर्णय
पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए विस्थापित हिंदू बंगाली परिवारों के पुनर्वास के लिए भूमि और सुविधाओं की व्यवस्था को मंजूरी मिली है। उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा और सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियमावली में संशोधन के प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई है।

 

Editor
Author: Editor

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