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जायका टीम ने ट्रांसको अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक, परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा

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भोपाल

जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) द्वारा प्रदेश के ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुदृढ़ीकरण के लिये मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी को दिये गये जायका-दो लोन से हुये कार्यों की समीक्षा के लिये मुख्यालय शक्तिभवन जबलपुर में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में जायका, जापान की इवैल्यूएटर सुश्री हिसाए ताकाहाशी एवं जायका के भारतीय प्रतिनिधि श्री कुनाल गुप्ता ने जायका वित्त पोषित विभिन्न कार्यों में एमपी ट्रांसको द्वारा अपनायी गई तकनीकी एवं वित्तीय प्रबंधन के बारे में जानकारी प्राप्त की।

पारेषण हानि कम करना बडी उपलब्धि

जायका टीम ने लोन समझौते की शर्तों में शामिल पारेषण हानि को कम करने के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2013 में 2.82 प्रतिशत रही पारेषण हानि को वर्ष 2024-25 में घटाकर 2.60 प्रतिशत तक लाना एक बड़ी उपलब्धि है। जायका टीम ने राइट आफ वे (आर ओ डब्ल्यू ) एवं फारेस्ट अप्रूवल से जुडी चुनौतियों के बावजूद मध्यप्रदेश में ट्रासमिशन नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के लिये किये गये प्रयासों की सराहना की। बैठक में जायका के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परियोजनाओं का क्रियान्वयन स्वीकृत योजना एवं तय मानकों के अनुसार होना आवश्यक है।

निरीक्षण उपरांत प्रस्तुत की जायेगी विस्तृत रिपोर्ट

बैठक में सहमति बनी कि टीम द्वारा जायका वित्त पोषित परियोजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में एमपी ट्रांसको द्वारा किये गये विभिन्न कार्यो का निरीक्षण कर विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय समीक्षा की रिपोर्ट निर्धारित प्रश्नावली में प्रस्तुत की जाएगी। एमपी ट्रांसको द्वारा मानीटरिंग एवं प्रोजेक्ट पूर्णता रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद जायका द्वारा रेटिंग दी जायेगी ।

ट्रांसको ने प्रस्तुत किया प्रतिवेदन

कार्यपालक निदेशक(योजना और डिजाइन) श्री संदीप गायकवाड़ ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि कई कार्य दक्ष प्रबंधन एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के कारण कम लागत में पूर्ण हुए हैं। साथ ही यह भी आश्वस्त किया गया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया है। मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क की सुदृढ़ीकरण के लिये पावर ट्रांसमिशन कंपनी को दो बार जायका द्वारा लोन दिया गया था। जायका-दो में 434 करोड रुपये का एमपी ट्रांसको द्वारा युटिलाइजेशन किया गया है।

 

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Author: Editor

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