Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

भोपाल में 24 घंटे में 11 थानों में 29 साइबर ठगी के मामले, करोड़ों की चपत; शिकायत पर हुई कार्रवाई

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भोपाल 

पुलिस प्रशासन और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद सायबर ठगी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। राजधानी के 11 थानों में चौबीस घंटों के भीतर ठगी के कुल 29 अपराध दर्ज किए गए हैं, जिनमें सायबर जालसाजों ने लोगों को करोड़ों रुपये की चपत लगाई है। ज्यादातर ठगी शेयर मार्केट में निवेश, नौकरी और मुनाफा कमाने का लालच, बिजली बिल कनेक्शन काटने के नाम पर की गई है। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर पर की गई शिकायतों के बाद अब थानों में प्रकरण दर्ज होना शुरू हो गया है। 

दरअसल सायबर ठगी की शिकायतों के लिए राष्ट्रीय हेल्प लाइन नंबर 1930 जारी किया गया था। इस नंबर पर प्रदेशभर से सैकड़ों शिकायतें की गई थीं, जो काफी समय से संबित थीं। पिछले दिनों यह जानकारी केंद्रीय गृहमंत्रालय तक पहुंची तो मंत्रालय ने संबंधित थानों में केस रजिस्टर्ड कराकर जांच कराने के निर्देश दिए। राज्य सायबर सेल के पास इस प्रकार की शिकायतें भेजी गई थी, जिसमें अकेले भोपाल में ही सवा सौ से ज्यादा शिकायतें सामने आई। इन्हीं शिकायतों को थानों में भेजा गया, जहां असल कायमी जांच शुरू की गई है। बीते चौबीस घंटे के दौरान बागसेवनिया और अशोका गार्डन थाने में 5-5 और मिसरोद तथा अवधपुरी में 4-4 शिकायतें पहुंची। इसके अलावा ऐशबाग, हबीबगंज, निशातपुरा और गांधी नगर में एक-एक शिकायत दर्ज हुई। इसी प्रकार कमला नगर, पिपलानी में दो-दो और कोलार में तीन अपराध दर्ज किए गए हैं।

टॉस्क देकर लगाई 50.98 लाख की चपत
बागसेवनिया थानांतर्गत साकेत नगर में रहने वाले राजेश जैन को अज्ञात व्यक्ति ने वांट्सएफ ग्रुप पर जोड़ा, जहां लोग पैसों का निवेश कर होने वाले मुनाफे का स्क्रीन शॉट डालते थे। कई दिनों तक नज़र अंदाज़ करने के बाद उन्हें लगा कि यह फायदे का सौदा है, इसलिए वह भी निवेश करने लगे। पहले तो उन्हें मुनाफा दिखाई दिया, लेकिन जब पैसे निकालने का प्रयास किया तो 35 लाख रुपए का टैक्स मांगा जाने लगा। इस प्रकार राजेश ने जालसाजों के बताए एकाउंट में 50 लाख 98 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कर दी, लेकिन यह रुपये वापस नहीं मिले।

ऐप डाउनलोड कराकर निकाले 2.12 लाख
बागसेवनिया थानांतर्गत नारायण नगर में रहने वाले प्रेमचंद जैन के मोबाइल पर एक व्यक्ति ने फोन किया और बताया कि आपका कंज्यूमर नंबर चेंज हो रहा है। इसके लिए जालसाज ने उन्हें एमपीईबी इलेक्ट्रीसिटी हेड आफिस भोपाल का एप डाउनलोड करके उसमें 12 रुपए का भुगतान करने का बोला। प्रेमचंद ने जैसे ही ऐप डाउनलोज किया, वैसे ही उनके एकाउंट से 1 लाख 13 हजार रुपये कट गए। उन्होंने फोन करने वाले से इसकी शिकायत की तो बताया कि साफ्टवेयर अपडेट हो रहा, कुछ देर बाद पैसे वापस लौट आएंगे। उसके बाद उनके दूसरे एकाउंट से भी पैसे कट गए। इस पर जालसाजों ने कुल 2 लाख 12 हजार रुपये चपत लगा दी।

दूसरे व्यक्ति को लगाई 3.66 लाख की चपत
मूलत: औबेदुल्लागंज निवासी नंद किशोर यादव यहां रजत विहार कालोनी के पास मोहिनी मुस्कान गार्डन में रहते हैं। दिसंबर महीने में एक व्यक्ति ने उन्हें वीडियो काल किया और बताया कि वह गोविंदपुरा बिजली कार्यालय से बोल रहा है। उसने मकान नंबर बताते के साथ ही कहा कि उनका कंज्यूमर नंबर अपडेट होने का आज आखिरी दिन है। उसने यह भी बताया कि शाम तक आईडी अपडेट नहीं हुई तो बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। नंद किसोर ने बताया कि वह शहर से बाहर हैं, इसलिए उसने 12 रुपये आनलाइन ट्रांसफर करने का बोला। नंद किशोर ने जैसे ही उसे रुपये ट्रांसफर किए, वैसे ही अलग-अलग समय में कुल 3.66 लाख रुपए कट गए।

क्रेडिट कार्ड से निकाले एक लाख रुपये
बागसेवनिया पुलिस ने अगली रिपोर्ट राकेश कुशवाहा की शिकायत पर दर्ज की है। पिपलिया पेंदे खां में रहने वाले राकेश कुशवाहा के पास एक व्यक्ति ने क्रेडिट कार्ड कंपनी का अधिकारी बनकर फोन किया और कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। उसके जालसाज ने एक ऐप डाउनलोड करवाया और क्रेडिट कार्ड से 1 लाख 3 हजार रुपये निकाल लिए। इसी प्रकार भाजपा कार्यालय के पास एनसीसी कंपनी में काम करने वाले राजा गोपाल रेड्डी के क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर जालसाज ने दो बार में 1 लाख 21 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने सभी मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इसी प्रकार के शहर के दस अन्य थानों में दर्ज धोखाधड़ी के मामलों में जालसाजों ने लाखों रुपये की चपत लोगों को लगाई है। 

Editor
Author: Editor

Leave a Comment

और पढ़ें