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रांची हेल्थॉन 2026 के अमरदीप और बिरसी बने चैंपियन, हाफ मैराथन में रिया तिर्की ने बढ़ाया हौसला

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रांची.

सुबह के 5 बजे से ही मोरहाबादी मैदान में कदमों की थाप और जोश की लहरें गूंजने लगीं। वजह थी दैनिक जागरण आईनेक्स्ट की ओर से आयोजित हेल्थॉन 2026 हाफ मैराथन। सूरज की पहली किरण के साथ हजारों धावक- युवा, बुजुर्ग, प्रोफेशनल रनर्स से लेकर आम फिटनेस लवर तक एक साथ मैदान पर उतर आए। यह सिर्फ दौड़ नहीं थी, बल्कि स्वास्थ्य जागरूकता का महोत्सव था, जहां हर कदम ने संदेश दिया- फिट रहो, जिंदगी जियो।

झारखंड की शान मिस यूनिवर्स झारखंड 2025 रिया तिर्की ने किया धमाकेदार फ्लैग-ऑफ। अपनी खूबसूरती और आत्मविश्वास से रिया ने सभी धावकों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में काफी देर तक रहीं और कहा, यह पहल कमाल की है। हर किसी को अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना चाहिए। रेगुलर एक्सरसाइज से जिंदगी बदल सकती है। रिया के अलावा रांची म्यूनिसिपल कमिश्नर आईएएस सुशांत गौरव, अडानी एसीसी के रीजनल ट्रेड सेल्स मैनेजर अंजन मंडल, कृष्णा कच्ची घानी मस्टर्ड आयल के डिप्टी मैनेजर अरुण गुप्ता, दैनिक जागरण के जीएम पारितोष झा, आईनेक्स्ट के डिप्टी एडिटर सौरभ सुमन, संपादकीय प्रभारी नदीम अख्तर भी इस उत्सव में शामिल रहे।

चार कैटेगरी में हजारों ने रचा इतिहास 
टोप्पो होटल से यूटर्न वाली इस रोमांचक दौड़ में सुबह 6:25 बजे 21 किमी की हाफ मैराथन शुरू हुई। उसके 5 मिनट बाद 10 किमी, फिर 5 किमी और आखिर में 2 किमी फन रन के धावक मैदान पर छा गए। पूरा रास्ता ऊर्जा, हंसी और प्रेरणा से भरा रहा।

विजेताओं की चमकती ट्रॉफी और गर्व भरी जीत  

  1. 21 किमी बॉयज में अमरदीप उरांव ने बाजी मारी—1 घंटा 13 मिनट 24 सेकंड में फिनिश। देवी दयाल कसना दूसरे और अनूप उरांव तीसरे रहे।  
  2. 21 किमी गर्ल्स में बिरसी कुमारी ने कमाल किया—1 घंटा 31 मिनट 11 सेकंड। सुमन दूसरे और आरती कुमारी तीसरे स्थान पर रहीं।  
  3. 10 किमी बॉयज में सतीश कुमार महतो पहले, हेमंत कुमार महतो दूसरे, सुरेश उरांव तीसरे रहे।  
  4. 10 किमी गर्ल्स में सीमा कुमारी पहले, अंजू कुमारी दूसरे, प्रज्ञा नीलम तीरू तीसरे स्थान पर रहीं।  
  5. 5 किमी बॉयज में राजू कुमार पहले, प्रकाश मुंडा दूसरे, करण पाहन तीसरे रहे।  
  6. 5 किमी गर्ल्स में रीतू कुमारी टॉप पर, दीपा पासवान और सीखा मंडी क्रमशः दूसरे-तीसरे स्थान पर रहीं।
  7. हर विजेता को पुरस्कार और सम्मान से नवाजा गया। यह दौड़ सिर्फ स्पीड की नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति, एकजुटता और स्वस्थ जीवन की जीत थी।
Editor
Author: Editor

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