मदुरै, 10 अप्रैल: तमिलनाडु के बहुचर्चित सथानकुलम कस्टोडियल डेथ मामले में मदुरै की अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा सुनाई है। अदालत ने इस जघन्य अपराध को “रेयरेस्ट ऑफ रेयर” श्रेणी में रखते हुए कड़ी सजा का आदेश दिया।
यह मामला जून 2020 का है, जब लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में एक पिता और उनके बेटे को सथानकुलम पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि हिरासत के दौरान दोनों के साथ अमानवीय व्यवहार और गंभीर मारपीट की गई, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया था।
मामले में सथानकुलम पुलिस स्टेशन के तत्कालीन स्टेशन हाउस ऑफिसर (इंस्पेक्टर) को प्रमुख आरोपी माना गया। इसके अलावा, कई सब-इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल स्तर के पुलिसकर्मी भी इस घटना में शामिल पाए गए। अदालत ने कहा कि सभी आरोपियों ने मिलकर सत्ता का दुरुपयोग करते हुए अपराध को अंजाम दिया।
मामले की जांच बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी गई। विस्तृत जांच और लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सभी 9 आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें मौत की सजा सुनाई।
फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब “आखिरकार न्याय मिला” है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में पुलिसकर्मियों के खिलाफ ऐसे मामलों में फांसी की सजा बेहद दुर्लभ होती है। यह फैसला न्याय व्यवस्था की सख्ती और पुलिस जवाबदेही के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
– यश जयसवाल (प्रशिक्षु, मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)








