दिल्ली पुलिस ने नकली दवाईयां बनाने व अलग अलग राज्यों में सप्लाई करने वाली गैंग छापा मारकर किया पर्दा फाश। पुलिस ने छ: आरोपियों को किया गिरफ्तार इसमें वो लोग भी शामिल थे जो दवा स्टोर करते थे व नकली दवाओं को उत्तर भारत के अलग अलग राज्यों में सप्लाई करते थे। पुलिस की जांच से पता चला की पकडे गए सरे आरोपी 2011 से यह अवैध धंधा चला रहे थे।
पुलिस पूछ ताछ से पता चला की इन छै आरोपियों में एक दिल्ली निवासी निखिल अरोरा जो थोक विक्रेता का काम करता था, दूसरा गाज़ियाबाद निवासी सिहानी, तीसरा यूपी निवासी शिवम त्यागी जो सप्लायर का काम करता था, चउथा गाज़ियाबाद निवासी मयंक अग्रवाल( सप्लायर ),पांचवा उत्तराखंड निवासी मोहित कुमार शर्मा जो मुख्या सप्लायर था, छठा गाज़ियाबाद निवासी शाहरुख़ और दिल्ली निवासी राहुल शामिल थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब दो करोड़ की नकली दवाईयां जिसमे 1.20 लाख टैबलेट व कैप्सूल बनाने के लिए 2000 किलोग्राम कच्चा माल बरामद किया।
आरोपी अकदास सिद्दीकी यूपी के मुज़्ज़फरनगर स्थित शेर नगर का निवासी इन नकली दवाईयों को पिछले 15 साल से फैक्ट्री चलकर निर्माण कर रहा था। छापे की खबर सुनते ही बढ़ी ही चालाकी से अक्साद वहां से भाग गया, पुलिस उसकी खोज में लगी हुई है। पुलिस की जाँच से पता चला की नकली दवा को बेचने के लिए शाहरुख़ और राहुल नकली जीएसटी बिल और नकली कम्पनिया उपलब्ध करवाते थे जिसमे वो पिछले कुछ दिनों में 50 करोड़ की नकली विलिंग करवा चुके थे।
पुलिस ने बताया की 11 मार्च को पुलिस की टीम को नकली दवाओं के भण्डार की खबर मिली। जांच में पता चला कि निखिल अरोरा नमक आरोपी कई राज्यों में इन दवाईयों को सप्लाई करता था। ड्रग कण्ट्रोल डिपार्टमेंट ने नकली दवाईयों की पुष्टि की। और इसकर बाद पुलिस ने एक एक करके सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
संवाददाता – साक्षी झा









