नई दिल्ली, 2 अप्रैल 2026: देश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल तरीके से होने जा रही जनगणना 2027 की प्रक्रिया 1 अप्रैल से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। इस ऐतिहासिक पहल के तहत नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा दी गई है।
जनगणना के पहले चरण में स्व-गणना की सुविधा 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस दौरान लोग निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकते हैं। शुरुआत के पहले ही दिन करीब 55 हजार परिवारों ने इस सुविधा का उपयोग किया।
इस अभियान की शुरुआत देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी की। द्रौपदी मुर्मू, नरेंद्र मोदी और सी. पी. राधाकृष्णन ने 1 अप्रैल को अपनी स्व-गणना पूरी कर नागरिकों को इसमें भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
जनगणना का पहला चरण 16 अप्रैल से 15 मई 2026 तक चलेगा, जिसमें घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसके बाद दूसरा चरण (जनसंख्या गणना) फरवरी 2027 में होगा, जिसकी संदर्भ तिथि 1 मार्च 2027 तय की गई है।
फिलहाल यह प्रक्रिया देश के 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनिंदा क्षेत्रों में शुरू की गई है, जिनमें दिल्ली का एनडीएमसी क्षेत्र, कर्नाटक, गोवा, ओडिशा और सिक्किम शामिल हैं।
यह जनगणना इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि 1931 के बाद पहली बार इसमें जाति आधारित आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। सरकार के अनुसार, डिजिटल माध्यम से यह प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक होगी।
– यश जयसवाल (प्रशिक्षु, मंगलयातन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)









