पश्चिम बंगाल में हुए एसआईआर प्रक्रिया के बाद करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। मंगलवार को जिलों की सूची जारी करने के बाद पहले चरण के लिए नाम फ्रिज कर दिया हैं। जिसमे अब 90 लाख 83 हज़ार 345 मतदाता विधान सभा चुनाव में वोट नहीं कर पाएंगे। इसका दूसरा चरण 9 अप्रैल को पूरा होगा।
चुनाव आयोग के अनुसार 2025 के अंत तक कुल 7.66 करोड़ मतदाता थे और अब 11.85 फीसदी नाम हटा दिए गए। नाम हटाने पर शिकायत भी दर्ज कराई गयी जिसमे 60.06 लाख शिकायत दर्ज हुए और जांच के बाद पता लगा की करीब 45 फीसदी के दावे फ़र्ज़ी हैं। इसी तरह सोमवार को 27.16 लाख नाम हटाकर 32.68 लाख मतदाता की सूचि सही पायी गयी और सूचि में बनाये रखा। 28 को पहली सूचि आयी जिसमे 63.66 लाख नाम हटाए गए और 60.06 लाख अभी विचारधीन अवस्था में हैं। ये 28 लाख मतदाता इस बार वोट नहीं दे पाएंगे।
इसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इसआईआर प्रतिक्रिया अल्प संख्यक समुदाय के लोगो का मतदाता सूचि से नाम हटाए गए हैं जिसमे टीएमसी इन लोगो का समर्थन करेगी। ममता बनर्जी के यह भी आरोप है की अल्पसंख्यकों और राजबंशी व मातुओं को निशाना बनाकर मतदाता की सूचि से नाम हटाए गए हैं।
संवाददाता – साक्षी झा








