सागर, 9 मार्च। क्षुलक गणेश प्रसाद वर्णी की जन्मस्थली वर्णीपुरम हंसेरा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और रंग पंचमी के अवसर पर बाल संस्कार केंद्र की स्थापना की गई। कार्यक्रम का आयोजन वर्णी विकास सभा गाथा के तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्य डॉ. पी.सी. जैन (सागर), ब्र. विनीता दीदी (डिप्टी कलेक्टर निवाड़ी) और चयनित सिविल जज छत्तीसगढ़ अपूर्वा सिंघई उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में अरविंद जैन (नागरिक आपूर्ति निगम), निशिकांत सिंघई (जनपद पंचायत बटियागढ़) तथा छत्रपाल सिंह (सरपंच हंसेरा) शामिल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य सुरेंद्र कुमार जैन भगवां ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा फीता काटकर, दीप प्रज्वलन और बाल संस्कार केंद्र के बच्चों द्वारा मंगलाचरण के साथ हुई। मुख्य संयोजक चंद्रेश शास्त्री भोपाल ने स्वागत भाषण दिया। इस दौरान मंचासीन अतिथियों का सम्मान शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया।
प्राचार्य डॉ. पी.सी. जैन ने कहा कि जिन्होंने देशभर में 100 से अधिक पाठशालाओं, महाविद्यालयों और गुरुकुलों की स्थापना की, उनकी जन्मस्थली पर पहली बार बाल संस्कार केंद्र की स्थापना होना गौरव की बात है। ब्र. विनीता जैन, डिप्टी कलेक्टर निवाड़ी ने कहा कि इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर बच्चों की संस्कार पाठशाला के शुभारंभ में सहभागिता करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। वहीं अपूर्वा सिंघई ने कहा कि उनके दादा ने वर्णी जी द्वारा स्थापित विद्यालय में अध्ययन किया था और आज उनकी जन्मस्थली पर बाल संस्कार केंद्र के शुभारंभ का अवसर मिलना गर्व की बात है।
कार्यक्रम के अंत में विकास सभा के महामंत्री कैलाश जैन टीला ने बताया कि इस स्मारक के बाद टुमटुमा पृथ्वीपुर में क्षुलक सहजानंद वर्णी की जन्मस्थली पर भी स्मारक की स्थापना की जाएगी। उन्होंने बताया कि सहजानंद जी वर्णी ने 500 से अधिक ग्रंथों की रचना की है और इस कार्य की शुरुआत जल्द ही की जाएगी।
कार्यक्रम का संचालन संयोजक मनीष विद्यार्थी ने किया तथा आभार महामंत्री कैलाश जैन टीला ने व्यक्त किया। रंग पंचमी के अवसर पर उपस्थित लोगों को गुलाब लगाकर मिष्ठान वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में करोड़ी लाल जैन (बण्डा), विनोद जैन (सौरई), डी.के. सराफ (मड़ावरा), अजित जलज (टीकमगढ़), विनोद जैन शास्त्री (सौरई) सहित बाल संस्कार केंद्र की शिक्षिका रुक्मणी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संपादन – यश जयसवाल (प्रशिक्षु, मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)









