तमिलनाडु के कलपक्कम परमाणु परिसर में स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने ‘क्रिटिकलिटी’ हासिल कर ली है, जो भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस सफलता के साथ भारत ने अपने तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण में आधिकारिक प्रवेश कर लिया है, जिसकी परिकल्पना वैज्ञानिक होमी जे. भाभा ने की थी।
पी.एफ.बी.आर एक उन्नत तकनीक वाला रिएक्टर है, जो उपयोग किए गए ईंधन से अधिक ईंधन उत्पन्न करने की क्षमता रखता है। यह थोरियम जैसे संसाधनों को ऊर्जा में बदलने में सक्षम है, जो भारत में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।इस उपलब्धि के साथ भारत रूस के बाद दुनिया का दूसरा देश बन गया है, जिसके पास व्यावसायिक फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने, यूरेनियम आयात पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
– यश जयसवाल (प्रशिक्षु, मंगलायतन विश्वविद्यालय, अलीगढ़)








